क्राइम/दुर्घटना

36 करोड़ की ठगी में महिला गिरफ्तार, 15 मुकदमे दर्ज, 61 हजार का इनाम

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जागरण जनशक्ति मल्टी स्टेट मल्टी परपज को-आपरेटिव सोसायटी लिमिटेड कंपनी खोलकर निवेश के नाम पर आमजन से 36.25 करोड़ रुपये की ठगी में वांछित मुख्य आरोपित महिला को उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि महिला ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर उत्तराखंड के देहरादून, चमोली, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी व बागेश्वर में ठगी को अंजाम दिया था। महिला पर इन सात जिलों में कुल 15 मुकदमे दर्ज हैं और उस पर चार जिलों की पुलिस ने 61,500 रुपये इनाम घोषित किया हुआ था । वर्तमान में वह दिल्ली के पंजाबी बाग स्थित प्रगति अपार्टमेंट में रह रही थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अग्रवाल ने बताया कि आरोपित महिला मोनिका कपूर ने वर्ष 2015 में उत्तराखंड में अपने सहयोगियों के साथ मिलकर जनशक्ति मल्टी स्टेट मल्टी परपज को-आपरेटिव सोसायटी लिमिटेड नाम की एक कंपनी खोली। वह खुद को कंपनी मोनिका के विरुद्ध वर्ष 2020 से 2023 के बीच देहरादून के रायपुर, डोईवाला व पटेलनगर में तीन, टिहरी जिले में तीन, चमोली जिले में पांच जबकि उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी और बागेश्वर में कम्पनी का निदेशक बताती थी। कंपनी ने प्रदेश के कई जिलों में कार्यालय खोले और बेरोजगारों को कंपनी का प्रचार करने और निवेश करने का झांसा दिया। इसके लिए कई लोगों से खाते खुलवाए और रकम जमा कराई। दो वर्ष पहले वह जमा की कर चुकी है। गई करोड़ों रुपये की धनराशि लेकर कंपनी फरार हो गई। मोनिका व उसके सहयोगियों के विरुद्ध पुलिस देहरादून सहित उत्तराखंड के सात जिलों में लोगों से निवेश के नाम पर ठगी थी रकम वही आरोपित महिला के विरुद्ध दर्ज हैं 15 मुकदमे व 61 हजार रुपये इनाम था घोषित जांच में सामने आया कि आरोपितों ने उत्तरकाशी में 16 करोड़ रुपये, टिहरी जिले में सवा करोड़ रुपये, देहरादून जिले में 13 करोड़ रुपये और चमोली जिले में करीब 6 करोड़ रुपये की ठगी की। पुलिस ने गैंगस्टर अधिनियम के तहत भी मुकदमा दर्ज किया था। वह तभी से वांछित चल रही थी। इस मामले में पुलिस कंपनी के तीन पदाधिकारी कपिल देव राठी, पंकज गंभीर और अनिल रावत को पहले ही गिरफ्तार किया था।