उत्तराखण्ड

शातिंपुरी में खनन वाहनों के गांव में घुसने पर महिलाओं ने किया रास्ता जाम

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शांतिपुरी में खनन वाहनों के जबरन गांव की सड़कों से आवाजाही शुरू करने से हो रही परेशानियों से आक्रोशित ग्रामीण महिलाओं ने सोमवार को खनन वाहनों का रास्ता रोक कर जाम लगा दिया। सोमवार को गांव से निकल रहे उपखनिज वाहनों बिरोध कर रही शांतिपुरी नंबर एक डाम की महिलाओं ने वाहनों के आगे खड़े हो कर सड़ पर जाम लगा दिया। महिलाओं का आरोप है कि उनके गांव से कोई खनन निकाशी रूट नहीं हैं और ना ही गांव की सड़क इतनी मजबूत व चौड़ी है कि वह भारी वाहनों का लोड झेल सके। महिलाओं का नेतृत्व कर रही दीपा काण्डपाल ने बताया कि वैसे ही सड़ बड़ी मुस्किलों से 20 वर्ष में बन पाई है। सड़क कम चौड़ी होने के कारण बच्चों के एक्सीडेंट का खतरा बना रहता है। बावजूद इसके बड़ी संख्या में खनन वाहन अपना समय बचाने व डब्लूआर की पकड़ से बचने के लिए गांव के एकांत रास्ते निकलते हैं। जिसका खमियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है। इसलिए जाम में खड़ी महिलाओं ने दस-बार वाहन स्वामियों को वापिस भेजा। इस दौरान महिलाओं ने करीब ढ़ाई घंटे तक जाम लगाने के बाद वाहन स्वामियों के भविश्य में पुन: इस मार्ग से ना आने के आस्वाशन के बाद रास्ता खोला गया। जाम लगाने वालों में मोहनी पांडे, पुष्पा पांडे, प्रेमा पांडे, लीला कांडपाल, रेनू भट्ट, प्रेमा कांडपाल, दीप्ति कांडपाल, बिमला पांडे, चंपा कांडपाल, पूनम पांडे, दीपा कांडपाल, रेखा कांडपाल, चंद्रा कांडपाल, पूजा कुनियाल, माधवी शर्मा, सीमा कांडपाल, निर्मला पांडे, भावना पांडे, नेहा पांडे, पुष्पा जोशी, नंदी पांडे, माधवी कांडपाल आदि दर्जनों महिलाएं मौजूद रहे।